भारत में कौन क्या हैं। India Gk in Hindi

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  भारत में कौन क्या हैं। India Gk in Hindi  1. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (15 वां) Note: द्रौपदी मुर्मू भारत की 15वीं और वर्तमान राष्ट्रपति के रूप में सेवारत एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्या थी। वह भारत के राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने वाले जनजातीय समुदाय से संबंधित पहली व्यक्ति हैं। मुर्मू, प्रतिभा पाटिल के बाद भारत की राष्ट्रपति के रूप में सेवा करने वाली दूसरी महिला हैं। प्रबुद्ध सोसाइटी द्रौपदी मुर्मू को प्रबुद्ध महिला सम्राट से अलंकृत किया है! राष्ट्रपति पद को संभालने वाली ओडिशा की द्वितीय व्यक्ति हैं और देश की सबसे कम उम्र की राष्ट्रपति हैं। मुर्मू भारत की आजादी के बाद पैदा होने वाली पहली राष्ट्रपति हैं। 2. उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन (15वां) Note: भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में सी. पी. राधाकृष्णन ने 12 सितंबर 2025 को राष्ट्रपति भवन में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह शपथ दिलाई। सी. पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति पद ग्रहण करने के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया है। 3. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द...

सोनम वांगचुक का जीवन, आविष्कार और रोचक तथ्य | Sonam Wangchuk Biography in Hindi

 


"11 साल तक स्कूल न जाने वाला बच्चा कैसे बना 'एशिया का नोबेल' विजेता? सोनम वांगचुक की अनसुनी कहानी"



1. 11 साल की उम्र तक स्कूल नहीं गए!

सुनने में अजीब लगता है कि देश का इतना बड़ा शिक्षा सुधारक बचपन में स्कूल ही नहीं गया। दरअसल, लद्दाख के उनके गांव में तब कोई स्कूल नहीं था। 11 साल की उम्र तक उन्होंने अपनी मातृभाषा (लद्दाखी) में अपनी मां से ही घर पर पढ़ाई की। इसके बाद जब उनका दाखिला दिल्ली के स्कूल में हुआ, तो भाषा न समझ आने के कारण उन्हें मानसिक रूप से कमजोर समझ लिया गया था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और खुद को साबित किया।


2. खुद की कॉलेज फीस के लिए ट्यूशन पढ़ाया

जब उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने का फैसला किया, तो उनके पिता (जो एक सरकारी अधिकारी/राजनेता थे) चाहते थे कि वह सिविल इंजीनियरिंग करें। पिता से मतभेद के कारण उन्होंने घर से आर्थिक मदद नहीं ली। अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए उन्होंने खुद बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया और अपनी फीस भरी।


3. SECMOL: जहां सिर्फ 'फेल' छात्रों को एडमिशन मिलता है

वांगचुक द्वारा स्थापित SECMOL कॉलेज की सबसे अनोखी बात यह है कि यहाँ लद्दाख के उन बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है जो बोर्ड परीक्षाओं में फेल हो जाते हैं। वांगचुक का मानना है कि जो छात्र पारंपरिक रटने वाली शिक्षा में फेल होते हैं, वे असल जिंदगी और व्यावहारिक ज्ञान में जीनियस हो सकते हैं। आज यहाँ के पास-आउट स्टूडेंट्स बड़े-बड़े आंत्रप्रेन्योर और लीडर्स हैं।


4. बिना माचिस/ईंधन के माइनस डिग्री में उबलता पानी

उनके द्वारा बनाए गए सोलर मड हट्स (मिट्टी के घर) इतने एडवांस हैं कि लद्दाख की कड़कड़ाती ठंड में भी बिना किसी हीटर या लकड़ी जलाए, सिर्फ सूरज की किरणों को ट्रैप करके अंदर का तापमान बेहद गर्म रखा जाता है। यहाँ तक कि सौर ऊर्जा से वहां पानी तक उबाला जाता है, जिससे भारतीय सेना को सीमा पर बहुत मदद मिल रही है।


5. 'Alternative University' का सपना (HIAL)

वह लद्दाख में HIAL (Himalayan Institute of Alternatives, Ladakh) नाम की एक ऐसी यूनिवर्सिटी बना रहे हैं, जहां छात्र सिर्फ थ्योरी नहीं पढ़ेंगे। अगर कोई छात्र वहां बिजनेस पढ़ रहा है, तो वह कॉलेज के अंदर एक असली बिजनेस चलाएगा। अगर कोई टूरिज्म पढ़ रहा है, तो वह एक होटल या होमस्टे मैनेज करेगा। यानी "Earn While You Learn" का असली मॉडल।


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